धमतरी जिले को मिली नई शैक्षणिक सुविधा, खुलेगा दूसरा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय - सरस जनवाद

धमतरी जिले को मिली नई शैक्षणिक सुविधा, खुलेगा दूसरा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय

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धमतरी, 01 जुलाई । अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में धमतरी जिले को बड़ी सुविधा मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने जिले में नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस विद्यालय के शुरू होने से दूरस्थ वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों के प्रतिभाशाली जनजातीय छात्र-छात्राओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, पूरी तरह नि:शुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध होगी। जिले के नगरी विकासखंड के पथररीडीह में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पहले से ही अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासित शिक्षण व्यवस्था, अत्याधुनिक अधोसंरचना तथा खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण प्रदेश के उत्कृष्ट मॉडल विद्यालयों में शामिल है। इसी सफलता और क्षेत्रीय आवश्यकता को देखते हुए शासन ने जिले में दूसरे विद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। नए विद्यालय में विद्यार्थियों को डिजिटल कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास के विविध अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। चयनित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, अध्ययन सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का समान अवसर मिल सके। विद्यालय में नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ नीट जेईई, क्लैट सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष अकादमिक मार्गदर्शन, अनुभवी शिक्षकों का सहयोग और करियर काउंसिलिंग की व्यवस्था भी होगी। इसके अलावा खेल, कला, संस्कृति, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल विकास पर विशेष ध्यान देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यालय की स्थापना से स्थानीय स्तर पर अध्यापन, छात्रावास संचालन, सुरक्षा, रखरखाव तथा अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि जनजातीय अंचलों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का सशक्त माध्यम है। यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को महानगरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिले को मिली इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक सौगात पर जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, शिक्षाविदों और आदिवासी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जनजातीय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।