नई दिल्ली, 24 जून । दिल्ली सरकार मॉनसून के मद्देनजर राजधानी में डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की वर्तमान स्थिति एवं तैयारियों की व्यापक समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदमों और उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने दिल्ली में इन बीमारियों की वर्तमान स्थिति, निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों, मच्छर नियंत्रण गतिविधियों तथा जन-जागरूकता अभियानों की समीक्षा की। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, 20 जून 2026 तक एमसीडी के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में डेंगू के 347, मलेरिया के 87 तथा चिकनगुनिया के 19 मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमने राज्य में निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों, जांच सुविधाओं तथा मच्छर नियंत्रण उपायों को और मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की शीघ्र पहचान और प्रभावी प्रबंधन के लिए एक सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की व्यवस्था को विकसित किया है। दिल्ली में 35 सेंटिनल सर्विलांस अस्पताल सक्रिय रूप से इन मामलों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। वहीं सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा प्रयोगशालाओं को इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित महामारी जांच एवं आवश्यक जनस्वास्थ्य कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री बताया कि स्थिति की बेहतर निगरानी एवं समन्वय के लिए महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यालय में कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। साथ ही जांच किट, दवाइयों, खून एवं खून उत्पादों सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखी जा रही है ताकि संक्रमण के मौसम में किसी प्रकार की कमी न हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने मच्छर नियंत्रण गतिविधियों को और तेज कर दिया है। 20 जून तक मच्छरों के पनपने वाले स्थलों की पहचान के लिए 1.81 करोड़ से अधिक विजिट कर घरों और परिसरों का निरीक्षण किया गया, 1.97 लाख से अधिक घरों में छिड़काव किया गया, लगभग 38,500 नोटिस जारी किए गए तथा मच्छरों के प्रजनन से संबंधित उल्लंघनों के खिलाफ 4,200 से अधिक कार्रवाई की गई। उन्होंने अस्पतालों की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अपने परिसरों को मच्छर-मुक्त रखने, मामलों की समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए। डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की प्रभावी रोकथाम तथा उपचार प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।