आगरा से महवा लाई जा रही 72 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

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जयपुर, 23 जून । नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) राजस्थान यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 72 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप जब्त की है। यह खेप उत्तर प्रदेश के आगरा से राजस्थान के महवा लाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीबीएन अधिकारियों के अनुसार ब्यूरो को खुफिया सूचना मिली थी कि एक तस्कर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) की बस के जरिए प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप लेकर आगरा से महवा की ओर आ रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सीबीएन जयपुर की एक विशेष टीम गठित की गई और संदिग्ध बस की निगरानी शुरू की गई। टीम ने आगरा-महवा मार्ग पर भरतपुर बाइपास के निकट महवा (जिला दौसा) में बस को रुकवाकर तलाशी ली। जांच के दौरान एक यात्री के कब्जे से तीन पॉलीबैग बरामद हुए, जिनमें छिपाकर रखे गए कुल 72 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल मिले। ट्रामाडोल एक प्रतिबंधित दवा है, जिसकी अवैध तस्करी पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

सीबीएन ने मौके पर ही पूरी खेप जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। सीबीएन अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त खेप कहां से लाई गई थी, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकेगा। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों, प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सीबीएन को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।