साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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प्रयागराज, 17 जून । साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त अपराध एवं नोडल साइबर क्राइम सागर जैन, कमिश्नरेट प्रयागराज ने की।

यह आयोजन पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक साइबर क्राइम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किया गया। गोष्ठी में साइबर क्राइम सेल तथा सभी थानों पर गठित साइबर सेल के नोडल पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को ग्रिवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (GRM), मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) एवं समन्वय (SAMANVAYA) पोर्टल के संचालन का लाइव प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच एवं शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

गोष्ठी में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि GRM एवं MRM पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित आवेदनों, री-असाइन शिकायतों तथा समन्वय पोर्टल पर लंबित नोटिसों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों को बताया गया कि GRM पोर्टल के माध्यम से बैंक खातों पर लगाए गए लियन, होल्ड अथवा फ्रीज को हटाने के लिए आवेदक अपनी बैंक शाखा के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसकी जांच संबंधित साइबर सेल द्वारा की जाती है। वहीं MRM पोर्टल के माध्यम से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में होल्ड की गई धनराशि को वापस प्राप्त करने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

पुलिस उपायुक्त अपराध ने कहा कि साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए सभी अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम नागरिकों को शीघ्र न्याय एवं राहत मिल सके।

गोष्ठी में प्रभारी साइबर सेल सहित साइबर टीम एवं सभी थाना स्तरीय साइबर सेल के नोडल अधिकारियों ने सहभागिता की।