बीते एक दशक में देश और बिहार दोनों ने विकास का नया अध्याय लिखा है : मुख्यमंत्री

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पटना, 12 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बीते एक दशक में देश और बिहार दोनों ने विकास का नया अध्याय लिखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ काल से जो भी संकल्प देश के सामने रखा, उसे पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान बिहार को कर मद में लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि पिछले 11-12 वर्षों में यह राशि बढ़कर लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी और केंद्र सरकार की नीतियों से राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और विकास को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है और ग्रामीण सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य में ग्रामीण सड़कों की लंबाई लगभग 1.20 लाख किलोमीटर तक पहुंच चुकी है और 100 से अधिक आबादी वाले सभी टोलों को पक्की सड़क से जोड़ने का कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है।

आधारभूत संरचना के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में जहां केवल 74 एयरपोर्ट थे, वहीं अब इनकी संख्या 100 से अधिक हो गई है। बिहार में पटना, दरभंगा और पूर्णिया के साथ-साथ सहरसा, बीरपुर, मुजफ्फरपुर, रक्सौल और वाल्मीकिनगर सहित कई स्थानों पर हवाई संपर्क विस्तार पर कार्य चल रहा है।

रेलवे क्षेत्र में उन्होंने कहा कि बिहार को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिली हैं तथा 198 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा।

उद्योगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर 30 दिनों के भीतर स्वीकृति देने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा और कौशल विकास पर उन्होंने कहा कि राज्य का शिक्षा बजट बढ़कर 77,890 करोड़ रुपये हो गया है। बिहार में लगभग 6 लाख शिक्षक और 94 हजार विद्यालय कार्यरत हैं तथा हर पंचायत में उच्च विद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस क्षेत्र से वे आते हैं, वहां कभी नक्सली हिंसा बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज देश लगभग नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी लंबित प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति या अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में केवल योजनाओं की घोषणा नहीं हुई, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास सफलतापूर्वक किया गया है।———–