फतेहाबाद, 12 जून । शहर के साथ लगते गांव भोडियाखेड़ा में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक पक्की नहर टूट गई। नहर टूटने से भारी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में घुस गया, जिससे किसानों की फसलों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद से ही प्रभावित किसानों में विभाग के खिलाफ गहरा रोष है। किसानों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों द्वारा काम अधूरा छोडऩे की वजह से यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग द्वारा अपने कार्यालय में पीने के पानी का प्रबंध करने के लिए इस स्थान से एक पाइप लाइन डाली जा रही थी। गुरूवार को विभाग के कर्मचारियों ने पाइप लाइन बिछाने का काम किया, लेकिन रात को वे काम को अधूरा छोडक़र ही चले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान नहर की संरचना को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसे ठीक से दुरुस्त नहीं किया गया। गुरुवार रात को जैसे ही नहर में पानी का बहाव आया, वह कमजोर हिस्से से अचानक टूट गई। देखते ही देखते नहर का पानी तेज रफ्तार से किसानों के खेतों में भरने लगा। शुक्रवार सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। खेतों में कई फीट तक पानी जमा हो चुका था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। विभाग ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत जेसीबी मशीन बुलाई और क्षतिग्रस्त हिस्से को बांधने व मुरम्मत का काम शुरू करवाया। इस मामले में ग्रामीणों और किसानों का साफ कहना है कि इसमें पूरी तरह से विभागीय लापरवाही दिखाई देती है। अगर कर्मचारी पाइप लाइन डालने के बाद नहर के किनारे को अच्छी तरह से मजबूत करते, तो यह हादसा नहीं होता। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बर्बाद हुई फसलों का तुरंत गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए। दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। विभाग के जेई का कहना है कि नहर में अचानक पानी का दबाव बढऩे के कारण यह कट लगा है। विभाग ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य पूरा करवा दिया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, सिंचाई विभाग के एसडीओ राजबीर सिंह ने बताया कि नहर में लीकेज की समस्या हो गई थी। जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद बिना समय गंवाए जेसीबी मशीन बुलाकर नहर की मरम्मत करवा दी गई है और पानी के बहाव को नियंत्रित कर लिया गया है।