दिल्ली सरकार हाइड्रोजन ईंधन सेल बसों के संचालन की करेगी शुरूआत

Share

नई दिल्ली, 28 मई । दिल्ली सरकाप हाइट्रोजन ईंधन सेल बसों के संचालन की तैयारी कर रहा है। इसके लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए हाइड्रोजन ईंधन सेल बसों के संचालन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में उन्नत हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक को शामिल करना है, जिससे राजधानी दिल्ली की स्वच्छ गतिशीलता यात्रा को और बल मिलेगा। साथ ही कम उत्सर्जन वाले पर्यावरण के अनुकूल परिवहन समाधानों को अपनाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रस्तावित ‘इनोवेटिव क्लीन मोबिलिटी फ्रेमवर्क’ के तहत डीटीसी और एनटीपीसी के समन्वय से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो हाइड्रोजन ईंधन सेल बसों की प्रारंभिक शुरुआत की जा रही है। इन बसों को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल के तहत चलाने का प्रस्ताव है, जिसमें डीटीसी ऑपरेशनल तैनाती में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्वीकृत जीसीसी दरों पर होने वाला ऑपरेशनल खर्च डीटीसी उठाएगा, जबकि जीसीसी फ्रेमवर्क से ज़्यादा होने वाले खर्च के लिए एनटीपीसी के सीएस सहायता फंड और संबंधित एजेंसियों से सलाह-मशविरा करके संचालन व्यवस्थाओं की संभावना तलाशी जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार डीटीसी, एनटीपीसी और अन्य हितधारक राजधानी में हाइड्रोजन ईंधन सेल बसों का परिचालन शुरू करने के लिए परिचालन संबंधी तौर-तरीकों और एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल शहरी परिवहन में उभरती हुई स्वच्छ ईंधन तकनीकों को तेजी से अपनाने की दिशा में एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को दुनिया भर में उनके ‘जीरो टेलपाइप उत्सर्जन’, उच्च परिचालन दक्षता और बड़े महानगरों की परिवहन प्रणाली के पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करने की क्षमता के लिए जानी जाती है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि राजधानी दिल्ली लगातार स्वच्छ और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। हाइड्रोजन फ्यूल तकनीक हमारी पर्यावरण के अनुकूल जिम्मेदार परिवहन प्रणाली की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। एनटीपीसी जैसे संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से हम उन्नत ‘जीरो-एमिशन’ (शून्य-उत्सर्जन) तकनीकों को अपनाने के लिए नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं, जिससे दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और ज्यादा मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ वायु और हरित भविष्य में भी अपना योगदान देंगी।