जयपुर, 19 मई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू हुई ग्राम विकास चौपाल अब राजस्थान में ग्रामीण विकास और जनसंवाद का प्रभावी मंच बनती जा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे हैं और मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश देकर “ग्रामोदय से अंत्योदय” के संकल्प को जमीन पर उतार रहे हैं।
प्रदेश के अब तक पांच जिलों में आयोजित चौपालों के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीणों के बीच पहुंचे और चार गांवों में रात्रि विश्राम कर आमजन से सीधा फीडबैक लिया। चौपालों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों की परिवेदनाएं सुनी गईं। कई मामलों में मुख्यमंत्री ने तुरंत निर्णय लेकर स्थानीय विकास कार्यों को मंजूरी भी दी।
सीकर जिले के जाजोद गांव में छात्राओं की मांग पर विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का निर्णय हो या अजमेर जिले के कड़ेल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा, ग्राम विकास चौपालों के जरिए त्वरित फैसलों ने ग्रामीणों में भरोसा बढ़ाया है।
अब मुख्यमंत्री का अगला पड़ाव वागड़ क्षेत्र होगा। 20 मई को मुख्यमंत्री बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र स्थित चुड़ादा गांव पहुंचेंगे। यहां ग्रामीणों से संवाद के साथ रात्रि विश्राम भी करेंगे। अगले दिन 21 मई की सुबह मुख्यमंत्री गांव का पैदल भ्रमण कर घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और योजनाओं की जमीनी स्थिति जानेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री बांसवाड़ा कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वहीं 21 मई को ही मुख्यमंत्री डूंगरपुर जिले के धम्बोला गांव पहुंचेंगे, जहां ग्राम विकास चौपाल के साथ रात्रि विश्राम और अगले दिन सुबह आमजन से संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
सरकार का कहना है कि ग्राम विकास चौपाल केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ग्रामीण समस्याओं के समाधान का सक्रिय माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री अब तक प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ेल, जालोर के पंसेरी और जयपुर के ठिकरिया गांव में चौपाल कर चुके हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचत की अपील को अपनाते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की है। साथ ही वे अब विभिन्न दौरों में इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर रहे हैं। वागड़ क्षेत्र के आगामी दौरे में भी मुख्यमंत्री ईवी वाहन से ही सफर करेंगे।