कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: पांच मई से काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध

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जयपुर, 02 मई । प्रदेश के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई, जिसमें सरकार के संवेदनहीन रवैये पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ माह से कर्मचारियों के वेतन से कटौती के बावजूद निजी अस्पतालों में आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) की सुविधाएं ठप पड़ी हैं। इसके कारण कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारी और पेंशनर्स को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बावजूद समर्पित अवकाश का नकद भुगतान नहीं किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया गया।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेशभर के कर्मचारी 5 मई 2026 से अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। साथ ही प्रतिदिन एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाए।

उनकी मांगों में आरजीएचएस के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए। समर्पित अवकाश का लंबित नकद भुगतान शीघ्र जारी किया जाए आदि शामिल है।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सांकेतिक विरोध के बावजूद सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो जल्द ही उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार की घोषणा की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।