नई दिल्ली, 26 अप्रैल । कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुईयां शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में गौहाटी उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
गौहाटी उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने राजनीतिक लाभ लेने के लिए एक निर्दोष महिला को विवादों में घसीटा। गौहाटी उच्च न्यायालय के पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश को असम पुलिस ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दिया था।
दरअसल, असम में एफआईआर दर्ज होने के बाद असम पुलिस ने 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापा मारा था, लेकिन खेड़ा अपने आवास पर नहीं मिले। ये एफआईआर पवन खेड़ा की ओर से रिनिकी भुईयां शर्मा के खिलाफ कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने के बाद दर्ज की गई थी।