हरिद्वार, 20 अप्रैल । कुंभ मेला 2027 की तैयारियां अब जमीन पर तेजी से आकार ले रही हैं। मेला क्षेत्र में अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) से जुड़े लगभग तीन दर्जन महत्वपूर्ण कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं,जिन्हें आगामी अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मेलाधिकारी सोनिका खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर निगरानी कर रही हैं।
सोमवार को मेलाधिकारी ने सीसीआर-2 भवन (कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। यह भवन अत्याधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से लैस होगा,जो मेले के दौरान सुरक्षा,भीड़ प्रबंधन और निगरानी का मुख्य केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने कहा कि स्नान पर्वों और सप्ताहांत के दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ रहती है,जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने पहले से ही पर्याप्त निर्माण सामग्री के भंडारण और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया। इस भवन की विशेषता यह भी है कि इसके शीर्ष तल पर हेलीपैड की सुविधा विकसित की जा रही है,जिससे आपातकालीन सेवाओं और वीआईपी मूवमेंट में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिकारियों को कहा कि वे निर्माण स्थल पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का समय-समय पर परीक्षण कराएं।
मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को 31 अक्टूबर तक पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती,उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह गिल सहित मेला प्रशासन,तकनीकी सेल और संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारी भी मौजूद रहे।