अंबिकापुर, 16 अप्रैल । सरगुजा जिले के सैनिक स्कूल अंबिकापुर में शिक्षकों के कौशल विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से 15 और 16 अप्रैल को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। “इनोवेटिव टीचिंग स्ट्रेटजीस” और “लीडरशिप एक्सीलेंस” पर केंद्रित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन को धरातल पर उतारना और कक्षा शिक्षण को पूरी तरह छात्र-केंद्रित बनाना था।
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. दीपा देशपांडे और भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी डॉ. रामकृष्ण येलामांची ने शिरकत की। कंटेंट विशेषज्ञ डॉ. दीपा देशपांडे ने डिजिटल लर्निंग और इंटरैक्टिव शिक्षण तकनीकों पर जोर देते हुए बताया कि कैसे आज की पीढ़ी की सीखने की जरूरतों को समझकर शिक्षक अपनी शैली में बदलाव ला सकते हैं।
वहीं, मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. येलामांची ने वायु सेना के अपने 23 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों को नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद के गुर सिखाए। उन्होंने शिक्षकों को केवल एक प्रशिक्षक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान केवल व्याख्यान ही नहीं हुए, बल्कि शिक्षकों ने केस स्टडी, समूह चर्चा और व्यावहारिक अभ्यासों के जरिए सक्रिय रूप से नई तकनीकें सीखीं। इस आयोजन ने शिक्षकों को आधुनिक युग की चुनौतियों के अनुरूप ढलने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रदान की है।