जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने दुर्घटनाओं पर रोक का दिया निर्देश

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पश्चिमी सिंहभूम, 15 अप्रैल । जिले में मार्च 2026 तक 68 सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि बैठक में मृतकों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन बढ़ते हादसों को देखते हुए प्रशासन ने कड़े और ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है।

जिला समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने पिछले वर्षों और 2025-26 के तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में सड़क हादसों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी दुर्घटनास्थलों का अलग-अलग विश्लेषण किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं और किन प्रकार के वाहन इसमें शामिल हैं। साथ ही पथ निर्माण विभाग को गूगल मैप की मदद से वैकल्पिक मार्गों की पहचान करने को कहा गया, जिससे मुख्य सड़कों पर दबाव कम किया जा सके।

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। शहर से बाहर जाने वाले प्रमुख मार्गों, संकीर्ण सड़कों, चौराहों और चढ़ाई-ढलान वाले स्थानों पर आवश्यक संकेतक लगाए जाएंगे। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया जाएगा, जो नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि मार्च 2026 में परिवहन विभाग ने 10,02,700 रुपये का राजस्व वसूला है। अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक जिले में हिट एंड रन के 151 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 75 मामलों में मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिया गया है।

इस दौरान उपायुक्त ने अपर उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आपसी समन्वय बनाकर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था और ब्लड बैंक संचालन को भी सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले त्रिशाणु राय, गोवर्धन ठाकुर और जुलूस कुजूर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे।