बालेन्द्र सरकार ने बनाया नेपाल को ‘बफर स्टेट’ से ‘वाइब्रेंट ब्रिज’ के रूप में आगे बढ़ाने का मसौदा

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काठमांडू, 14 अप्रैल । नेपाल सरकार ने देश को ‘बफर स्टेट’ से ‘वाइब्रेंट ब्रिज’ के रूप में रूपांतरित करने वाली कूटनीति और विदेश संबंधों का प्रस्ताव रखते हुए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का मसौदा प्रस्तुत किया है। संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले 6 राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों को मिलाकर तैयार इस मसौदे में त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और कनेक्टिविटी के माध्यम से राष्ट्रीय हित सुनिश्चित करने का उल्लेख किया गया है।

मसौदे में कहा गया है कि नेपाल की संप्रभुता और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए देश को ‘बफर स्टेट’ से ‘वाइब्रेंट ब्रिज’ में परिवर्तित किया जाएगा। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि नेपाल की संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च रखते हुए बदलती वैश्विक भू-राजनीति और पड़ोसी शक्तियों के उदय को विकास के अवसर में बदलने के लिए ‘संतुलित और गतिशील कूटनीति’ अपनाई जाएगी।

मसौदे में नेपाल के कूटनीतिक मिशनों के कार्य और जिम्मेदारियों का मूल्यांकन करने के लिए वैज्ञानिक ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ प्रणाली लागू करने की बात भी कही गई है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि नेपाल किसी भी सैन्य गठबंधन, हथियारों की दौड़ और युद्ध को शांति के लिए बाधक मानते हुए सभी देशों के साथ समान दूरी और समान निकटता की नीति अपनाएगा।

मसौदे के अनुसार समूची कूटनीति के केंद्र में ‘नेपाल प्रथम: नेपाली प्रथम’ की अवधारणा को रखा जाएगा। आर्थिक कूटनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘सगरमाथा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों को निरंतरता दी जाएगी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, हिमालय संरक्षण, पर्वतीय मुद्दों और भूपरिवेष्ठित देशों के साझा हितों के सवाल पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेपाल की आवाज को सशक्त रूप से उठाने की भी बात कही गई है।