अनुसंधान और तकनीकी विकास के लिए एनटीपीसी और टेक्समिन फाउंडेशन से किया एमओयू

Share

रांची, 11 अप्रैल । एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के टेक्समिन फाउंडेशन के साथ अनुसंधान और तकनीकी विकास के लिए शनिवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।

एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित प्रतिष्ठित आईइनवेंटिव 2026 अनुसंधान और विकास मेले में भाग लिया।

कार्यक्रम में एनएमएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन जैन ने रणनीतिक क्षेत्रों में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ हिस्सा लिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कोयले के गैसीकरण जैसे डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में इसके बेहतर उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि हालांकि स्वदेशी तकनीकें शोध स्तर पर मौजूद हैं, लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग अभी भी सीमित है। इसके लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है ताकि इन तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।

इसी कार्यक्रम के दौरान एनएमएल ने टेक्समिन फाउंडेशन, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अनुसंधान और नवाचार, टीटीआरपी के माध्यम से तकनीकी विकास, उद्योग परामर्श, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, स्टार्टअप सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

यह साझेदारी उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी तकनीकों को बड़े पैमाने पर विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह टिकाऊ खनन और तकनीकी आत्मनिर्भरता की भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देगा।