बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं : लक्ष्मी रजवाड़े

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लक्ष्मी राजवाड़े ने छात्राओं को संबोधित करते हुए नारी शक्ति को ‘वॉइस ऑफ चेंज ‘(बदलाव की आवाज) बताया और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा शक्ति के विचार ही भविष्य के एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव हैं। मंत्री ने प्रदेश भर से आई छात्राओं के अनुभवों और विचारों को सुना और उनके साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को अपनी आवाज बुलंद करने और सामाजिक बदलाव का नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्राओं को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने छात्राओं को वीरांगना रानी अब्बक्का के साहस और देशभक्ति को अपने जीवन में उतारने की सीख दी।

इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से आई 227 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विविध विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा की गई। उल्लाल (कर्नाटक) की साहसी रानी अब्बक्का, जिन्होंने पुर्तगालियों का विरोध किया था, छात्राओं के लिए प्रेरणा बनीं। इस मंच पर छात्राओं ने प्रथम स्वतंत्रता सेनानी रानी अब्बक्का के शौर्य से प्रेरित होकर समाज, शिक्षा और सुरक्षा जैसे विषयों पर सशक्त विचार रखे।कार्यक्रम से पूर्व रायपुर महानगर में इसका पोस्टर विमोचन अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री महेश साकेत और प्रांत छात्रा प्रमुख कु. राशि त्रिवेदी की उपस्थिति में किया गया था।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “भारत की संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, ‘नारी तू नारायणी’ के भाव के साथ इस छात्रा संसद का आयोजन किया गया है, जो महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।”

कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र की क्षत्रिय छात्रा प्रमुख कु. शालिनी वर्मा जी ने कहा कि, “नारी का अस्तित्व आज का नहीं, बल्कि सनातन काल से शाश्वत रहा है। विकसित भारत का निर्माण महिलाओं के संस्कार और योगदान के बिना संभव नहीं है, लव जिहाद जैसे मुद्दों से बचाव के लिए बेटियों को रानी पद्मावती के स्वाभिमान और संस्कारों से प्रेरित करना आवश्यक है।

केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य, राशि त्रिवेदी ने कहा “छात्रा संसद” छात्राओं को केवल विचार-विमर्श का मंच देना ही नहीं, बल्कि नेतृत्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन के लिए सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, इस आयोजन में छात्राओं को निडर बनकर नेतृत्व करने का अवसर दिया गया तथा “4S” शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं सुरक्षा और भारतीय चिंतन में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।

छात्रा संसद के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया गया इसमें शिक्षा विषय पर आईएएस अधिकारी वैभवी अग्रवाल, स्वास्थ्य विषय पर डॉ. मानसी गुलाटी, सुरक्षा विषय पर रचना नायडू तथा स्वावलंबन विषय पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने विचार प्रस्तुत किए छात्रा संसद के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।