जोधपुर, 31 मार्च । साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में शामिल दो आरोपियों आशीष और गणेश को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले करीब 6 माह से फरार चल रहे थे।
मामले में जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए 11 बैंक खातों के माध्यम से करीब 38 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इन खातों के संबंध में देश के 12 अलग-अलग राज्यों से कुल 31 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस आयुक्त शरत कविराज, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं यातायात शाहीन सी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त धन्नाराम और सहायक पुलिस आयुक्त पदमदान के निर्देशन में साइबर थाना टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए खाताधारक मनीष जाटव से पूछताछ में पता चला कि उसके नाम पर विभिन्न बैंकों में 11 खाते खोले गए थे। इन खातों का रिकॉर्ड प्राप्त कर विश्लेषण करने पर करोड़ों के लेन-देन के संकेत मिले, जिसमें 38 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आया।
आगे की जांच में सामने आया कि आशीष और गणेश इन खातों को मनीष जाटव से कमीशन पर लेकर साइबर ठगों को ऊंचे कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग देशभर में साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस द्वारा इन खातों का उपयोग करने वाले अन्य साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें पकडऩे के प्रयास जारी हैं।