बिलासपुर, 27 मार्च । बिलासपुर जिले के कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बिलासपुर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आज शुक्रवार काे 10 किलोमीटर दायरे में चिकन और अंडों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। निगरानी के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं, वहीं इस फैसले से शहर का बड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में चिकन और अंडों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
इस आदेश के बाद नगर निगम, पशुपालन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र में निरीक्षण कर रही हैं। पोल्ट्री फार्म, चिकन सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट्स में चिकन व अंडों के उपयोग और बिक्री पर नजर रखी जा रही है। उल्लंघन पाए जाने पर सामग्री जब्त कर नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्र में सख्ती से नियम लागू कराने के लिए 9 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें प्रत्येक में चार सदस्य शामिल हैं। ये टीमें लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
संक्रमण को देखते हुए सेंदरी, मोपका, तोरवा, लालखदान, राजकिशोर नगर, तिफरा, सकरी, उसलापुर और तारबाहर सहित आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि टीमों के पहुंचते ही दुकानें बंद हो जाती हैं, लेकिन उनके लौटने के बाद फिर से खुल जाती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पोल्ट्री प्रक्षेत्र में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। पूरी प्रक्रिया में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है, तब तक प्रतिबंध जारी रहने की संभावना है। संक्रमित क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में कड़ी पाबंदियां लागू हैं। यहां किसी भी तरह की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बाहर से भी चिकन या अंडे लाने पर कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। सकरी, जोंधरा और घुटकू जैसे इलाकों से मृत मुर्गियों की सूचना मिली है, हालांकि कुछ क्षेत्र प्रतिबंधित दायरे से बाहर होने के कारण वहां सीमित कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने कोनी क्षेत्र में सर्वे अभियान चलाकर 135 घरों की जांच की, जिसमें तीन लोगों में सामान्य सर्दी-बुखार के लक्षण मिले हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बीमार पक्षियों से दूर रहने की सलाह दी है।
इस प्रतिबंध का असर कारोबार पर भी साफ दिख रहा है। अनुमान के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में करीब 150 दुकानों के माध्यम से रोजाना 20 टन चिकन और 3 लाख अंडों की बिक्री होती थी। इससे लगभग 50 लाख रुपये का दैनिक कारोबार प्रभावित हो रहा है। शहर के कई नॉनवेज रेस्टोरेंट्स ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं, जबकि अन्य जगहों पर चिकन और अंडों के आइटम उपलब्ध नहीं होने के बोर्ड लगाए गए हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि संक्रमण को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और अलग-अलग टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि हालात सामान्य होने तक चिकन और अंडों की खरीदारी से परहेज करें।