आईएमए की ओर से आयोजित सामान्य सभा में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब एवं ब्लड बैंक को रेड क्रॉस सोसायटी की सदस्यता लेने और आर्थिक सहयोग देने के निर्देशों पर कड़ा विरोध जताया है।
सभा में उपस्थित चिकित्सकों ने सर्वसम्मति से कहा कि किसी भी संस्था की सदस्यता या आर्थिक योगदान को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। इसे स्वैच्छिक ही रखा जाना चाहिए। आईएमए पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक प्रावधान के इस प्रकार का दबाव संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।
चिकित्सकों ने यह भी कहा कि अन्य जिलों में इस प्रकार का कोई निर्देश नहीं है और राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई गई है। आईएमए ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे निर्देश जारी रहते हैं तो संगठन अपने सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए विधिक कदम उठाने को बाध्य होगा। आईएमए ने कहा कि वह सदैव जनसेवा एवं मानवीय कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और रेड क्रॉस सोसायटी जैसे संगठनों को स्वैच्छिक सहयोग देता रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार की बाध्यता स्वीकार्य नहीं होगी।———-