जयपुर, 26 मार्च । केंद्र सरकार जहां इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं जयपुर में इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं दिख रही है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा वर्ष 2020 में प्रस्तावित 75 ईवी चार्जिंग स्टेशन की योजना पांच साल बाद भी अमल में नहीं आ सकी है और फिलहाल कोई नई योजना भी सामने नहीं है।
हालांकि, शहर में जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) ने प्रयोग के तौर पर ईवी बसों का संचालन शुरू किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जेसीटीएसएल और जेडीए के संयुक्त प्रयास से चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की चर्चा शुरू हुई है। हाल ही में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) की बैठक में रामनिवास बाग, दांतली ओवरब्रिज और महात्मा गांधी अस्पताल ओवरब्रिज के नीचे चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जेडीए के डायरेक्टर इंजीनियरिंग अजय गर्ग के अनुसार, फिलहाल चार्जिंग स्टेशन निर्माण की कोई ठोस योजना नहीं है।
गौरतलब है कि 2020 में जेडीए ने शहर में 75 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसके तहत राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट लिमिटेड (आरईआईएल) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर जमीन उपलब्ध करवाई जानी थी। टेंडर प्रक्रिया तक पूरी होने के बावजूद अधिकारियों के तबादलों के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
योजना के अनुसार, प्रत्येक स्टेशन 6 से 8 वाहनों को एक साथ चार्ज करने में सक्षम होना था और इसके लिए 100 से 800 वर्गफीट तक जमीन की आवश्यकता थी। शहर में फास्ट और स्लो दो प्रकार के चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित थे।
वर्तमान में जयपुर में 5000 से अधिक इलेक्ट्रिक कारें और 15 हजार से ज्यादा दुपहिया वाहन हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग सुविधाओं के अभाव में लोग ईवी अपनाने से हिचक रहे हैं।