पर्यावरण संरक्षण मंडल की भर्ती परीक्षा में 439 परीक्षार्थी हुए शामिल, 564 अनुपस्थिति

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जगदलपुर, 22 मार्च । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापम) द्वारा रविवार 22 मार्च को पर्यावरण संरक्षण मंडल के अंतर्गत ‘प्रयोगशाला सहायक’ एवं ‘सैम्पलर ग्रेड-02’ के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। बस्तर जिले में इस महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल एवं पारदर्शी संचालन के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। जिले के तीन प्रमुख केंद्रों में आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 1003 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल 439 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 564 परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई।

जगदलपुर शहर के तीन महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धरमपुरा में पंजीकृत 360 में से 162 छात्र उपस्थित रहे, जबकि 198 अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार झाड़ा सिरहा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में 360 पंजीकृत छात्रों में से 156 उपस्थित और 204 अनुपस्थित रहे। वहीं, शासकीय दन्तेश्वरी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में कुल 283 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 121 ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और 162 अभ्यर्थी परीक्षा से दूर रहे। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बस्तर जिले में कुल उपस्थिति का प्रतिशत लगभग 43.7 प्रतिशत रहा।

व्यापम के कड़े नियमों के तहत सुबह 10:30 बजे केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए, जिसके बाद किसी भी स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से की गई गहन जांच और पहचान सत्यापन की प्रक्रियाओं ने परीक्षा केंद्र के भीतर सुरक्षा का कड़ा वातावरण सुनिश्चित किया। ड्रेस कोड को लेकर भी व्यापम के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया गया। परीक्षार्थियों के लिए जूतों-मोजों के साथ-साथ बेल्ट, घड़ी, धूप का चश्मा, पर्स, टोपी और किसी भी प्रकार के धात्विक आभूषण जैसे कान की बाली या झूमके पहनना पूरी तरह वर्जित रहा। अभ्यर्थियों को केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और साधारण चप्पल पहनकर ही प्रवेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्ष में मोबाइल या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार साधन ले जाना प्रतिबंधित रहा। इंटरनेट से डाउनलोड किए गए मूल प्रवेश पत्र और मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र के सूक्ष्म मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को उत्तर अंकित करने के लिए नीले या काले बॉल पॉइंट पेन के साथ अंदर जाने दिया गया। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी के चलते पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न हुई।