आज नहीं बचाया पानी ताे कल होगी बूंद बूंद की लड़ाई: जलयोद्धा उमाशंकर पाण्डेय

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रामानुज शर्मा नई दिल्ली, 21 मार्च । देश के एकमात्र जल योद्धा और पद्मश्री उमाशंकर पांडेय का कहना है कि देश की जनता यदि आज पानी का संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सचेत एवं सक्रिय नहीं हुई तो गंगा, यमुना के हमारे देश में आने वाले समय में लोगों को बूंद बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा और यदि ऐसा हुआ तो इससे बड़ा अभिशाप हमारे देश और पूर्वजों के लिए और कुछ नही हो सकता।

लगभग चार दशकों से पुरखों की सीख को अमल में लाकर पानी के संरक्षण के लिए निर्विकार भाव से साधनारत उमाशंकर पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश के बुन्देलखंड के बांदा जिले में अपने पैतृक गांव जखनी को प्रयोगशाला बनाया और उसके परिणामों की धमक देश के कोने कोने में सुनी गयी और “खेत में मेड़ और मेड़ पर पेड़” का मॉडल देश में लोकप्रिय हुआ। आयु के छह दशक पूरे कर चुके उमाशंकर पाण्डेय को उनके एक पैर की दिव्यांगता रोक नहीं पायी।