बलरामपुर, 20 मार्च । बलरामपुर जिले में वित्तीय प्रक्रियाओं को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के लिए ई-चालान प्रणाली लागू की जा रही है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर नई व्यवस्था के लिए तैयार किया गया।
जिले में वित्तीय कार्यों को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में ओटीसी (ओवर द काउंटर) ई-चालान प्रणाली पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला कलेक्टर राजेंद्र कटारा की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें जिला कोषालय अधिकारी दशरथ प्रसाद सोनी सहित सभी शाखा प्रबंधक, आहरण-संवितरण अधिकारी और विभिन्न विभागों के लेखा शाखा के कर्मचारी शामिल हुए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा ई-कोष पोर्टल के अंतर्गत ई-चालान मॉड्यूल लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से सभी ओटीसी चालान इसी प्रणाली के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था समय की बचत के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे नई प्रणाली को भली-भांति समझकर समय रहते इसके अनुरूप स्वयं को तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डिजिटल व्यवस्था को अपनाना समय की आवश्यकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ई-चालान पोर्टल के माध्यम से चालान जमा करते समय संबंधित डाटा सीधे बैंक को ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाता है, जिससे बैंक स्तर पर पुनः प्रविष्टि की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाइन जनरेटेड चालान की पुष्टि कर राशि जमा की जाती है, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और सरल हो जाती है।
साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि पोर्टल पर जमाकर्ता को स्वयं पंजीयन कर यूजर आईडी बनानी होगी, जिसके माध्यम से वे चालान जनरेट करने के साथ अपने लेन-देन का विवरण और रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि ओटीसी के माध्यम से जनरेट किए गए चालान की वैधता 7 दिनों तक होगी। निर्धारित अवधि के भीतर बैंक में नकद या चेक के माध्यम से राशि जमा नहीं करने पर चालान स्वतः अमान्य हो जाएगा और नया चालान बनाना होगा।
इस दौरान जिला कोषालय अधिकारी द्वारा संचालनालय कोष एवं लेखा से प्राप्त यूजर मैन्युअल की प्रतियां सभी संबंधित अधिकारियों को वितरित की गईं और निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना सुनिश्चित करें।