अजमेर, 19 मार्च । जिले की प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजट घोषणाओं, फ्लैगशिप योजनाओं, औद्योगिक निवेश, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रीष्मकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान प्रभारी सचिव नीरज के. पवन तथा जिला कलेक्टर लोक बंधु सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य समयबद्ध रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल स्वीकृति नहीं, बल्कि वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया। पुष्कर कॉरिडोर, सौंदर्यीकरण और सफाई कार्यों को लेकर भी निर्देश दिए गए। अजमेर विकास प्राधिकरण को अतिक्रमण हटाने और पुष्कर सरोवर के घाटों पर सुरक्षा के लिए सांकल लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। जिले में एक अप्रैल से अब तक प्राप्त 1.07 लाख परिवादों में से 1.02 लाख का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए निवेश परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर लाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में 1810 एमओयू के तहत लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित, 337 प्रोजेक्ट्स में निर्माण कार्य शुरू, 82 प्रोजेक्ट्स में उत्पादन प्रारंभ हुआ है। उन्होंने औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार सृजन पर जोर दिया।
इस दौरान आगामी गर्मी को देखते हुए समर कंटीजेंसी प्लान 2026 की समीक्षा की गई। बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में 134 लाख के 10 कार्य, ग्रामीण क्षेत्रों में 525 लाख के 44 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पेयजल वितरण वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 48 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 72–96 घंटे के अंतराल से किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बजट घोषणाओं की समीक्षा में पाया गया कि अजमेर जिले में वर्ष 2024-25 की 98 घोषणाओं में से 34 पूर्ण, 56 प्रगतिरत, वर्ष 2025-26 की 97 घोषणाओं में से 13 पूर्ण, 73 प्रगतिरत है। अधिकारियों को शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने हरित विकास, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
हरियालो राजस्थान के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 35.48 लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं “एक जिला एक उत्पाद” योजना के तहत मार्बल-ग्रेनाइट उद्योग को बढ़ावा देते हुए 49 इकाइयों को 729.62 लाख रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया। बैठक में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को कालाबाजारी रोकने और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने स्पष्ट कहा कि “विकास कार्यों का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे और आमजन को राहत मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है।”