स्टार्टअप के लीगल व एथिकल स्टेप्स विषय पर हुई कार्यशाला

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देहरादून, 13 मार्च । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (उत्तराखंड) में “स्टार्टअप के लीगल एवं एथिकल स्टेप्स” विषय पर एक कार्यशाला हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को स्टार्टअप स्थापित करने से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं व नैतिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।

एस्ट्रोफिज़िक्स बिल्डिंग में आयाेजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. अखिलेश नौटियाल (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, श्रीनगर, उत्तराखंड) ने अपने व्याख्यान में स्टार्टअप की स्थापना में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं, नैतिक मूल्यों तथा उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. नटाना मुरुगाराज गोविंदन, अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल ने किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. गुंजन गोस्वामी ने प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. हेमवती नंदन ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी, जो युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती हैं। इस अवसर पर डॉ. संजय उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता देश के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के दौरान आईआईसी के संयोजक डॉ. भास्करन ने युक्ति पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह पोर्टल नवाचार तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विनीत कुमार मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।