राजकोषीय अनुशासन और सुशासन में आगे बढ़ रहा उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी

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भराड़ीसैंण, 13 मार्च । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल के वर्षों में उत्तराखंड को वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन और सुशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। राज्य सरकार की पारदर्शी वित्तीय नीतियों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

शुक्रवार काे विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि हाल ही में नीति आयोग की ओर से जारी फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 (रिपोर्ट 2023-24) में उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। इस रिपोर्ट में उत्तराखण्ड को उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता में सुधार, घाटा प्रबंधन और ऋण प्रबंधन में अपनाई गई सुदृढ़ नीतियों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में उत्तराखण्ड को अरुणांचल प्रदेश के बाद दूसरा स्थान मिला है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था और उत्तरदायी शासन प्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट राज्य सरकार ने राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफएआरबीएम) के अनुसार निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष की स्थिति बनाए रखी है तथा राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद की निर्धारित सीमा के भीतर रखा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाते हुए विकास की गति को तेज करना है। इसके लिए सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्र और रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए राज्य सरकार उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।