पलामू, 12 मार्च । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले एनआरएचएम कर्मी चार माह से बकाया वेतन को लेकर गुरूवार को कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए। अपनी मांगों काे लेकर एमएमसीएच परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे दर्जनों कर्मचारी मंगलवार को पलामू समाहरणालय में डीसी को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार हड़ताल की चेतानी दी थी। बावजूद निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में गुरूवार से सभी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए।
हड़ताल के कारण अस्पताल की व्यवस्था पर असर पड़ा है। मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल है और मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
वहीं हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात ड्यूटी कर अस्पताल की सेवाएं संभाली है, लेकिन पिछले चार से छह महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इस समस्या को लेकर वे कई बार सिविल सर्जन सहित विभाग के अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों का यह भी कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर डीसी से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। हर बार तकनीकी समस्या का हवाला देकर भुगतान टाल दिया जाता है।
कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। बच्चों की स्कूल फीस और मकान का किराया तक देना मुश्किल हो गया है और मकान मालिक भी घर खाली करने की चेतावनी दे रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है, तब तक उनका अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा।
कर्मियों ने चेतावनी दी कि इस हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं में होने वाली किसी भी परेशानी के लिए विभाग और प्रशासन स्वयं जिम्मेदार है।
कर्मियों की प्रमुख मांगों में नवंबर 2025 से लंबित वेतन का अविलंब भुगतान करने, भविष्य में वेतन की नियमितता सुनिश्चित करने, आश्वासन के बजाय लिखित आदेश और क्रियान्वयन करना शामिल है।
धरना प्रदर्शन में चंचला कुमारी, शबाना, सतेंद्र कुमार, सुजीत कुमार, चन्दन कुमार, अनुज श्रीवास्तव, श्रीपति, रंजन कुमार, दुर्गेश सिंह, सुजीत मिंज सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।