पलायन न करें उत्तराखंड वासी, वरना विधर्मी कब्जा कर लेंगे: साध्वी डॉ. प्राची

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नैनीताल, 20 फ़रवरी । उत्तराखंड के नैनीताल जनपद मुख्यालय में शुक्रवार को पहली बार विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता पहुंचीं फायरब्रांड हिंदू नेत्री साध्वी डॉ. प्राची ने उत्तराखंड की पलायन की समस्या को एक नये संदर्भ से जोड़ते हुए उत्तराखंड वासियों को पलायन न करने की सलाह दी। कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। इसकी रमणीकता पर विधर्मियों की नजर लगी हुई है। यहां के हिंदू अगर अपनी भूमि को छोड़ेंगे तो यह आ जाएंगे।

उन्होंने कहा हिंदू जब-जब बंटा या घटा है, कट गया है। उन्होंने यूजीसी के मुद्दे पर भी कहा कि हिंदुओं को इस मुद्दे पर बंटना नहीं है। मामले का जल्द समाधान हो जाएगा। नगर के डीएसए मैदान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में साध्वी प्राची वाहनों के जुलूस के साथ पहुंचीं और दीप प्रज्जवलन व वंदेमातरम के गायन के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इससे पहले पारंपरिक वस्त्रों में सजी स्थानीय महिलाओं ने नयना देवी मंदिर से कार्यक्रम स्थल तक कलश यात्रा निकाली। आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. साध्वी ने कहा कि आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में ऐसे ही एक लाख विराट हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आरएसएस न होता तो आज देश में राम मंदिर न बना होता, कश्मीर से धारा 370 न हटी होती और मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति न मिली होती। उन्होंने कहा आरएसएस का किसी भी धर्म से विरोध नहीं है, लेकिन किसी भी धर्म के गद्दार स्वीकार नहीं हैं। वहीं अन्य वक्ता वृंदावन के चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त ने कहा कि उत्तराखंड में लव, लैंड व थूक के साथ व्यवसाय जिहाद और नशा जिहाद भी चल रहे हैं। कहा कि हिंदु युवकों को साजिशन नशे और युवतियों को लव जिहाद में धकेला जा रहा है।

उन्होंने हिंदू युवक व युवतियों से इससे सावधान व दूर रहने का आह्वान किया। दोनों वक्ताओं ने राज्य की धामी सरकार की मजारों व मदरसों के विरुद्ध चलाए गये अभियानों की प्रशंसा की और इन प्रवृत्तियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई। इस दौरान मंच पर वाल्मीकि समाज के बुजुर्गों को सम्मानित भी किया गया। स्थानीय विधायक एवं भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के अध्यक्ष मनोज कुमार की अगुवाई में मंचासीनों को पगड़ी पहनाकर व अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।