अजमेर, 20 फरवरी । पुष्कर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय भव्य हनुमंत कथा का आयोजन 23 से 25 फरवरी तक नए मेला मैदान में किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि 22 फरवरी को गुरुदेव का पुष्कर आगमन होगा, जिनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसी दिन अजमेर से वाहन रैली निकाली जाएगी, जिसका विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। पुष्कर द्वार से लेकर ब्रह्मा मंदिर तक स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया जाएगा।
हनुमंत कथा के उपलक्ष्य में 22 फरवरी को सुबह 9:30 बजे नौ खंडीय बालाजी मंदिर रामधाम तिराहे से विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गुरुद्वारा, नए रंगजी जी मंदिर, सूर्य चौक, वराह घाट चौक, बद्री घाट, गऊ घाट, कपड़ा बाजार और ब्रह्म चौक होते हुए ब्रह्मा मंदिर पर संपन्न होगी। कलश यात्रा में हजारों महिलाएं और श्रद्धालु भाग लेंगे। गाजे-बाजे के साथ निकाली जाने वाली इस यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया जाएगा। यात्रा में भगवान की आकर्षक झांकियां भी सजाई जाएंगी। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने घर से कलश और चुनरी की साड़ी पहनकर आने का आग्रह किया गया है।
आयोजन समिति द्वारा कलश यात्रा के टोकन वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। महिलाओं में इसको लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर प्रभारियों की नियुक्ति की गई है तथा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 23 फरवरी को पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पवित्र सरोवर की पूजा-अर्चना कर महाआरती करेंगे। इसके बाद 23 से 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से प्रभु इच्छा तक नए मेला मैदान में वे अपनी मुखर वाणी से श्रद्धालुओं को हनुमंत कथा का रसपान कराएंगे। हनुमंत कथा के दौरान 24 फरवरी को दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए उपस्थित होंगे।
आयोजन स्थल नए मेला मैदान में डोम और टेंट लगाने का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्थाएं भी अंतिम चरण में हैं। आयोजन समिति के सदस्य और सनातन योद्धा युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। तीर्थ नगरी पुष्कर में आयोजित होने वाली इस भव्य धार्मिक कथा को लेकर श्रद्धालुओं में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।