चित्तौड़गढ़, 19 फ़रवरी । वैश्विक आस्था के केंद्र श्री सांवलियाजी मंदिर के अलावा नजदीकी स्थित शनि महाराज मंदिर के 10 किलोमीटर परिधि में शराब एवं मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठी है। कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने राजस्थान विधानसभा में इस विषय को उठाया है। धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखने को लेकर यह मुद्दा विधानसभा में उठाया है। धार्मिक स्थल सांवलियाजी में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शनार्थ आ रहे हैं। भगवान मनोकामनाएं पूरी करते है, ऐसे में श्रद्धालु चढ़ावा भी खूब चढ़ाते हैं।
राजस्थान विधानसभा में कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने नियम 295 के तहत गुरुवार को यह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। राजस्थान विधानसभा में नियम 295 के तहत कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने भादसोड़ा–बागुंड क्षेत्र की आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि करीब 250 वर्ष पूर्व प्रकट हुई श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडफिया की तीनों प्रतिमाएं भादसोड़ा, बागुंड एवं मंडफिया (सांवलियाजी) क्षेत्र में स्थापित हैं। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं। साथ ही कुछ ही दूरी पर आली गांव स्थित शनि महाराज मंदिर भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है।
कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर मड़फिया (सांवलियाजी), प्राकट्य स्थल भादसोड़ा–बागुंड तथा शनि महाराज मंदिर आली के 10-10 किलोमीटर की परिधि में संचालित शराब एवं मांस की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। इससे मंदिरों की पवित्रता, गरिमा एवं श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह मांग क्षेत्रवासियों और भक्तजनों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। सरकार को इस पर सकारात्मक और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए। गौरतलब है कि मंदिरों के आस-पास संचालित शराब की दुकानों पर नशेड़ियों के कारण कई बार विवाद एवं अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों की भावनाएं आहत होती हैं। साथ ही कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है।