नई दिल्ली, 19 फरवरी । लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांंजलि ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि जिन चार वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया गया वो वीडियो सोनम वांगचुक को दिखाया ही नहीं गया। केवल पेन ड्राइव में थंबनेल दिखाया गया और उसे प्ले नहीं किया गया। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान सोनम वांगचुक के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वीडियो उपलब्ध नहीं कराना अधिकारों का उल्लंघन है। बिना वीडियो देखे सलाहकार बोर्ड और सरकार के समक्ष कोई अपनी बात कैसे रख सकता है। उन्होंने कहा कि डीआईजी एक लैपटॉप के साथ आए और चार वीडियो बताया गया। सोमन वांगचुक को 5 अक्टूबर, 2025 को लैपटॉप उपलब्ध कराया गया, जिसमें चारो वीडियो नहीं थे, केवल थंबनेल दिखाया गया। इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि एक वीडियो है, जिसमें सोनम वांगचुक और डीआईजी के बीच बातचीत हो रही है। उस वीडियो में सब खुलासा हो जाएगा।
उच्चतम न्यायालय ने 16 फरवरी को जोधपुर जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि वो सोनम वांगचुक को हिरासत के दौरान दी गई पेन ड्राइव सीलबंद कर कोर्ट में दाखिल करें। उच्चतम न्यायालय ने इस बात का संदेह जताया था कि केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के भाषणों से संबंधित दी गई ट्रांसक्रिप्ट के अनुवाद में काफी फर्क है।