भाेपाल, 18 फ़रवरी । मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बुधवार को प्रस्तुत बजट 2026 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कसरावद विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की उम्मीदों के पूरी तरह विपरीत, हकीकत से दूर और विकास विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी सच्चाइयों से मुंह चुराते हुए केवल खोखले दावों और आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश आज बेरोजगारी, महंगाई, किसान संकट और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन मूल मुद्दों के समाधान का कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता।
बढ़ता राजकोषीय घाटा – आर्थिक भविष्य पर संकट
सचिन यादव ने कहा कि सरकार पर लगभग 74,000 करोड़ रुपये का भारी राजकोषीय घाटा है। इसके बावजूद बजट में न तो इस घाटे को कम करने की कोई स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है और न ही वित्तीय अनुशासन का कोई संकेत है। यह बजट आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर करेगा।
महंगाई से आम जनता को कोई राहत नहीं
पूर्व मंत्री सचिन यादव ने कहा कि आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। रसोई गैस, खाद्य पदार्थ, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार महंगी हो रही हैं, लेकिन इस बजट में आम आदमी को राहत देने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। यह बजट गरीब, मध्यम वर्ग और मजदूर वर्ग की पीड़ा को पूरी तरह नजरअंदाज करता है।
बजट 2026 में आदिवासी वर्ग की उपेक्षा
सचिन यादव ने आराेप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के आदिवासियों की जमीनों पर लगातार हमले हो रहे हैं और उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। बजट में उनके संरक्षण, पुनर्वास और विकास के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है।
पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और वंचित वर्गों से अन्याय
सचिन यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि आरक्षण का वादा कर सत्ता में आई सरकार अब उससे मुकर गई है। पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए किया गया बजट आवंटन “ऊंट के मुंह में जीरा” साबित हो रहा है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, एवं अन्य वंचित वर्गों के लिए आवंटित राशि को अन्य मदों में खर्च किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ खुला अन्याय है।
विधायक सचिन यादव ने कहा कि यह बजट केवल कागजी सपनों का जाल है। इसे जमीन पर उतारने के लिए सरकार के पास न तो स्पष्ट नियत है और न ही पर्याप्त संसाधन। यह बजट न रोजगार देता है, न किसान को सुरक्षा देता है और न ही समाज के वंचित वर्गों को न्याय। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी और विकास विरोधी बजट का पुरजोर विरोध करेगी और प्रदेश की जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी ।