रांची, 18 फरवरी । रांची विश्वविद्यालय में एमएससी डाटा साइंस पाठ्यक्रम समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित एमएससी डाटा साइंस पाठ्यक्रम पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा बोर्ड ऑफ स्टडीज़ का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके सिंह ने की।
आईक्यूएसी सेल की बैठक में कुलपति ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और प्रस्तावित पाठ्यक्रम पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा साइंस जैसे व्यावसायिक एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से अंतिम सेमेस्टर में उद्योगों में अनिवार्य इंटर्नशिप की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके और उनके करियर निर्माण में सहायता हो।
बैठक में विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू और आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. ए.के. डेल्टा भी उपस्थित थे। उन्होंने पाठ्यक्रम की संरचना, गुणवत्ता और उपयोगिता को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक की शुरुआत समन्वयक डॉ. आशीष कुमार झा ने की। उन्होंने एमएससी डाटा साइंस के प्रस्तावित पाठ्यक्रम, प्रवेश योग्यता, शुल्क संरचना और शैक्षणिक रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी देते हुए सदस्यों को विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया। इसके पश्चात सदस्य सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने ड्राफ्ट सिलेबस प्रस्तुत किया, जिस पर बिंदुवार और गहन चर्चा हुई।
बैठक में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय-विशेषज्ञ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से शामिल हुए। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के डॉ. मनीष कुमार ऑनलाइन जुड़े और पाठ्यक्रम को अधिक उद्योग-उन्मुख बनाने पर जोर दिया।
इसी प्रकार राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची के वैज्ञानिक डॉ. जे.के. शाह और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. सचिन कुमार धर द्विवेदी ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा से डॉ. जया पाल, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची से डॉ. शशिकांत तथा अमिटी विश्वविद्यालय से डॉ. मोहित कुमार ऑफलाइन उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम को अधिक व्यवहारिक एवं शोधोन्मुख बनाने के लिए पुनर्संरचना के सुझाव दिए।