कृषि विशेषज्ञों की रायकृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बरसात वर्तमान में खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। यह बारिश फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इस समय गेहूं की फसल को नमी और कम तापमान की सख्त जरूरत है। बारिश से न केवल सिंचाई की कमी पूरी होगी, बल्कि वातावरण में घुली धूल साफ होने से पौधों की बढ़वार भी अच्छी होगी। हालांकि, जिन इलाकों में जलभराव की स्थिति हो, वहां किसानों को जल निकासी का ध्यान रखना चाहिए। तापमान में आई इस गिरावट से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि यह ठंड गेहूं के दानों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने में सहायक होगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की हवाएं चलने की संभावना है।