बलरामपुर : डीएलसीसी बैठक में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश

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बलरामपुर, 17 फ़रवरी ।जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में एलडीएम अंकित शर्मा ने बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले के सीडी रेसियो (ऋण-जमा अनुपात) में वृद्धि हुई है तथा ऋण पोर्टफोलियो में 13.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पर सीईओ ने बैंकों को लंबित ऋण प्रस्तावों का शीघ्र निराकरण कर 28 फरवरी 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनआरएलएम, एनयूएलएम और पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा प्रेषित ऋण प्रस्तावों की समीक्षा की गई। व्यक्तिगत उद्यमियों को स्वरोजगार हेतु भेजे गए प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना बैंकों और विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बढ़ाते हुए समय-सीमा में ऋण प्रकरणों के निराकरण पर जोर दिया।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। सीईओ ने कहा कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार, कृषि एवं allied गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे जिले का सीडी रेसियो और बेहतर हो सके।

बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनुपम तिवारी ने जिले में संचालित एफपीओ की जानकारी देते हुए वित्तपोषण योजनाओं पर प्रकाश डाला। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक सत्येंद्र राठौर ने सीकेवाईसी आईडी के प्रभावी उपयोग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

बैठक में एलडीएम अंकित शर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनुपम तिवारी, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक सत्येंद्र राठौर सहित जिले के सभी बैंकों के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।