बीकानेर, 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के शिवालय ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठे। श्रद्धालु देवों के देव महादेव को रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक कर आराधना कर रहे हैं। सुबह से ही मंदिरों में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
शहर के शिवाबाड़ी मंदिर, मार्कण्डेश्वर महादेव मंदिर, धरणीधर महादेव मंदिर, महानंद महादेव मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, रंगोलाई के रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर, गोपेश्वर महादेव मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, आचार्य बगीची के जबरेश्वर, गंगाशहर के केदारनाथ महादेव मंदिर और श्रीरामसर रोड स्थित महानंद महादेव मंदिर सहित अनेक शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी राजेंद्र सेवग ने बताया कि सुबह से अभिषेक चल रहा है। रात आठ बजे से चार प्रहर की विशेष पूजा और महाआरती होगी। उन्होंने बताया कि वे पिछले पांच दशक से इस प्राचीन मंदिर में सेवा दे रहे हैं। नत्थूसर गेट के बाहर स्थित मगनेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नियमित रूप से पूजन करने वाले सत्यनारायण व्यास ने बताया कि यह अत्यंत प्राचीन मंदिर है और यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु स्वयं पुजारी बनकर पूजा करता है। मंदिर का रखरखाव जनसहयोग से होता है।
जस्सोलाई स्थित जनेश्वर मंदिर परिसर में अंचलेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शनार्थियों की भीड़ रही। मंदिर के पुजारी बाबूलाल सेवग ने बताया कि शिवरात्रि पर ‘ॐ नमः शिवाय’ का विशेष जाप आयोजित होता है। रात से सुबह तक नौ घंटे में 50 हजार नामजप का लक्ष्य रखा गया है। श्रद्धालु के.के. छंगाणी ने बताया कि वे चार दशकों से काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव ने उनकी हर मनोकामना पूरी की है। वहीं शिवनारायण स्वामी ने अचलेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक करते हुए बताया कि वे छह दशकों से यहां आ रहे हैं और शिवरात्रि पर विशेष पूजन करते हैं।
कर्मकांडी पंडित अमरचंद पुरोहित ने कहा कि महाशिवरात्रि भगवान शंकर की आराधना का विशेष पर्व है। इस दिन चार प्रहर की पूजा और अभिषेक करने से जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है। पूरे शहर में भक्ति जागरण और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर बीकानेर शिवभक्ति में सराबोर नजर आ रहा है।