यूजीसी बिल से हिन्दुत्व एकजुटता को खतरा:सुबोध मोहन ठाकुर

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अररिया 15 फरवरी। केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित यूजीसी बिल से हिन्दुत्व को खतरा पैदा हो गया है।यूजीसी बिल हिन्दुओं को जातिवाद में बांटने का काम कर रही है।जिसका परिणाम भी अब सामने आने लगा है।राजधानी के एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में कैमरे के सामने एक लड़की के साथ पुलिस के सामने किए गए कृत्य पर ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुबोध मोहन ठाकुर ने सवाल उठाया है।

सवालिया लहजे में श्री ठाकुर ने कहा कि क्या सचमुच ऐसा देश हम चाहते हैं,जहां विश्वविद्यालय जैसी जगहों पर सरेआम किसी महिला पत्रकार के कपड़े फाड़े जाएं उसके बाल नोचे जाएं। उसे पीट-पीट कर मार दिया जाए। क्या सचमुच देश का आम गैर ब्राह्मण हिंदू व्यक्ति ब्राह्मणों से इतनी घृणा करता है कि वह ब्राह्मण बेटियों को यूं नोचे जाते देखकर खुश होगा। यदि नहीं तो इस देश में ऐसा कैसे हो रहा है और कौन इसे बढ़ावा दे रहा है।

ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुबोध मोहन ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इन प्रश्नों के उत्तर नहीं ढूंढा गया तो यकीन मानिए हम गलत दिशा में बढ़ रहे हैं।

श्री ठाकुर ने कहा कि संसद के सदस्यों, प्रधानमंत्री,गृहमंत्री, रक्षा मंत्री,शिक्षा मंत्री बधाई के पात्र हैं कि हिन्दू को हिंदुओं में विभेद पैदा कर संगठित करने के बजाय यूजीसी बिल लाकर उसे असंगठित करने का काम कर रहे हैं।यूजीसी बिल का परिणाम है कि बहन बेटियों को अपमानित होना पड़ रहा है।पक्ष विपक्ष के सियासी चाल में हिन्दू आपस में मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं।उन्होंने यूजीसी के राजनीति के तहत हो रहे कुकृत्य पर नाराजगी जाहिर की।दिल्ली विश्वद्यालय में रुचि तिवारी नामक बेटी के साथ हो रहे घटना पर संसद में बैठे लोगों को अब भी सबक लेने की वकालत की।