औरैया, 15 फरवरी । महा शिवरात्रि के पावन पर्व पर इटावा, औरैया और जालौन जिलों की सीमा पर स्थित पंचनद धाम तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पांच पवित्र नदियों-यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और कुंवारी-के संगम पर स्थित शिवालयों में जलाभिषेक के लिए हजारों कांवड़िए और भक्त देर रात से ही पहुंचने लगे। आयोजन पूरी रात जारी रहा और प्रात चार बजे से जलाभिषेक प्रारंभ हुआ।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तीनों जिलों का पुलिस प्रशासन चाक-चौबंद रहा। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुचारू व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए, ताकि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़िए एवं श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से जलाभिषेक कर सकें।
पंचनद धाम अपने पवित्र महासंगम के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। महाशिवरात्रि पर यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। देर रात से ही धाम के सभी मार्गों पर कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो गया। भगवान भोलेनाथ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। कई सामाजिक संस्थाओं ने कांवड़ियों के लिए जलपान, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था भी की, जिससे यात्रियों को विशेष सुविधा मिल रही है।
क्षेत्र के प्रमुख देवालयों में महाकाल कालेश्वर मंदिर, बाबा साहब मंदिर और मां कर्णवती मंदिर शामिल हैं। विशेष रूप से यमुना-चंबल संगम पर स्थित महाकाल भरेश्वर मंदिर में कांवड़ मेले के साथ-साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बाबा साहब मंदिर के पुजारी सुमेर बन ने बताया कि हजारों की संख्या में भक्त पंचनद धाम पहुंच रहे हैं और यह धार्मिक कार्यक्रम शाम तक निरंतर चलता रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ सकुशल संपन्न हो सके।
————