देहरादून, 14 फरवरी । उत्तराखंड में वर्ष 2026 के दौरान पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। अप्रैल में भारतीय सेना के सहयोग से “सूर्य देवभूमि चैलेंज” का आयोजन प्रस्तावित है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार शीतकालीन पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान देने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि चमोली जनपद की नीति घाटी में 31 मई को “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत रिमखिम से नीति होते हुए मलारी तक 75 किमी अल्ट्रा मैराथन और मलारी से नीति होकर मलारी तक 42 किमी मैराथन आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में विदेशी प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
सतपाल महाराज ने बताया कि जून में भारतीय सेना के साथ मिलकर राज्य पर्यटन विभाग बद्रीनाथ और माणा में “देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल” के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया जाएगा। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए औली में “नेशनल हिमकीड़ा स्कीइंग विंटर कार्निवल-2026” का शुभारंभ हो चुका है, जो 16 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्निवल को अब प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि 1980 के दशक में कुमाऊं और गढ़वाल के बीच आयोजित होने वाली प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली का वर्ष 2026 में पुनः आयोजन किया जाएगा। साथ ही पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में आयोजित एक्रो फेस्टिवल को भी वार्षिक कैलेंडर इवेंट के रूप में शामिल किया जाएगा। पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ और हेमकुण्ड साहिब रोपवे परियोजनाओं का निर्माण कार्य इस वर्ष से प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है। मंत्री ने कहा कि रोपवे निर्माण से श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को वर्षभर के पर्यटन चक्र में समाहित कर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में संतुलित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
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