जोधपुर, 12 फरवरी । स्थाई लोक अदालत में लंबे समय से रिक्त पदों पर सदस्यों की नियुक्ति नहीं किए जाने पर राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पीएस भाटी और न्यायाधीश संदीप शाह द्वारा सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जाहिर किए जाने और मामले को गुरुवार को ही पुन: सुनवाई पर रखे जाने पर राज्य सरकार के प्रमुख विधि शासन सचिव ने बुधवार रात्रि जोधपुर सहित सात स्थाई लोक अदालत में नौ सदस्यों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए।
स्थाई लोक अदालत में रिक्त पदों की भर्ती नहीं होने पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्वप्रेरित जनहित याचिका पर गत वर्ष में नोटिस जारी किए। राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश से सदस्यों का सेवा विस्तार 5 साल अथवा 65 वर्ष तक की आयु का कर दिया है, लेकिन यह अवधि समाप्त होने पर जोधपुर सहित कई जगह पर सदस्यों के नहीं होने से कामकाज ठप हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता न्यायमित्र मनीष सिसोदिया और अधिवक्ता अनिल भंडारी ने बहस करते हुए कहा कि राज्य में छह सात जगह कोरम के अभाव में स्थाई लोक अदालत में न्यायिक कार्यवाही बंद है और दो माह में दस बारह जगह सदस्यों की रिक्तियां हो जाने से आम जन को न्याय मिलने में देरी होगी, जबकि हाईकोर्ट स्थाई लोक अदालत में त्वरित न्याय का तीन माह का चरण बद्ध कार्यक्रम चला रहा है।
हाईकोर्ट की ओर से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य सरकार पर बुधवार को कड़ा रुख अपनाए जाने पर गुरुवार को हुई सुनवाई पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि राज्य सरकार ने रात्रि को ही जोधपुर महानगर, बालोतरा, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर और झालावाड़ में एक एक सदस्य तथा करौली और श्रीगंगानगर में दो दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है और जोधपुर सहित 22 स्थाई लोक अदालत में 30 सदस्यों की नियुक्ति के आवेदन वास्ते विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार और प्राधिकरण के अधिवक्ता संदीप पाठक को निर्देश दिए कि आगामी पेशी 23 फरवरी तक शपथ पत्र पेश कर राज्य के स्थाई लोक अदालत में सदस्यों के रिक्त पदों पर वस्तु स्थिति से अवगत कराएं।