कैथल: सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बल्कि बुद्धिमानी की निशानी : डीसी अपराजिता

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कैथल, 12 फ़रवरी । उपायुक्त अपराजिता ने गुरुवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी का दौरा कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान डीसी ने जॉयफुल एक्टिविटी में भाग लेकर बच्चों को जिज्ञासु बनने और बिना झिझक सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बल्कि बुद्धिमानी की निशानी है, इसलिए अपने अंदर “क्यों” और “कैसे” की भावना हमेशा जीवित रखें।

डीसी अपराजिता ने कहा कि कई बार बच्चे डर या झिझक के कारण सवाल नहीं पूछते और गलत उत्तर के भय से जवाब देने से भी कतराते हैं। खासकर गणित जैसे विषयों से बच्चों में भय देखा जाता है। जॉयफुल एक्टिविटी का उद्देश्य बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना और खेल-खेल में व्यावहारिक ज्ञान देना है।

उन्होंने विज्ञान विषय की विभिन्न प्रयोगशालाओं और कक्षा कक्षों का भी निरीक्षण किया तथा छात्राओं द्वारा किए जा रहे प्रयोगों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने विभिन्न रसायनों के नाम और उनके उपयोग के बारे में सवाल-जवाब किए। डीसी ने कहा कि किताबी ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण प्रैक्टिकल नॉलेज है, क्योंकि जब बच्चे स्वयं प्रयोग करते हैं तो विषय की समझ और भी मजबूत होती है।

इसके बाद डीसी ने मिड डे मील की गुणवत्ता और स्कूल में बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अध्यापकों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि कक्षा में केवल कुछ ही नहीं, बल्कि सभी बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल किया जाए। जो बच्चे सवाल पूछने से झिझकते हैं, उन्हें विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए और उनका मनोबल बढ़ाया जाए।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता मैहर, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार, प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।