नई दिल्ली, 11 फ़रवरी । उच्चतम न्यायालय ने 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे की जांच रिपोर्ट तलब की है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) से जांच रिपोर्ट तलब किया है। इस दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। ये विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस हादसे की जांच अंतिम चरण में है। जांच के कुछ हिस्सों को विदेशों में किया जाना जरुरी है। इस पर कोर्ट ने एएआईबी से तीन हफ्ते के अंदर संक्षिप्त जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एनजीओ सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि बोइंग-787 विमानों से जुड़ी ऐसी ही घटनाएं पहले भी तीन बार हो चुकी हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस संबंध में कोई जवाब दाखिल नहीं कर रही है। भूषण ने कहा कि आठ हजार से ज्यादा पायलटों ने माना है कि बोइंग-787 सुरक्षित नहीं है और इसे उड़ान से रोका जाना चाहिए। इस पर मेहता ने कहा कि प्रशांत भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका है कि जांच समिति की अध्यक्षता खुद भूषण को सौंप दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने अब तक जांच में अपनाई गई प्रक्रियाओं और नियमों पर एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।