जैसलमेर, 10 फ़रवरी । जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में रुद्र ब्रिगेड द्वारा आयोजित ऑल-आर्म्स युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ की समीक्षा की। लाइव फायरिंग के साथ आयोजित इस अभ्यास ने विकसित हो रहे युद्धक्षेत्र परिवेश में उच्च तीव्रता की एकीकृत सैन्य कार्रवाइयों को अंजाम देने की भारतीय सेना की क्षमता को प्रमाणित किया।
जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) ले कर्नल निखिल धवन के अनुसार ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ को पूर्व में आयोजित ‘एक्सरसाइज़ अखंड प्रहार’ के अनुवर्ती अभ्यास के रूप में संचालित किया गया, जिसमें मरुस्थलीय क्षेत्र में रुद्र ब्रिगेड तथा नई परिचालन अवधारणाओं का सत्यापन किया गया था। इस लाइव फायरिंग अभ्यास का उद्देश्य यंत्रीकृत बलों, तोपखाना, वायु रक्षा इकाइयों, आर्मी एविएशन के एएलएच-डब्ल्यूएसआई तथा अपाचे हेलीकॉप्टरों, मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) और काउंटर-यूएएस क्षमताओं के समन्वित उपयोग के माध्यम से युद्धक एकीकरण और परिचालन प्रभावशीलता को और सुदृढ़ करना था। इस दौरान थल, वायु और डिजिटल डोमेन में निर्बाध तालमेल का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।
समीक्षा के दौरान सेना कमांडर ने जमीनी स्तर पर तैनात सैनिकों से संवाद किया और सभी रैंकों की उत्कृष्ट प्रशिक्षण गुणवत्ता, पेशेवर दक्षता और परिचालन तत्परता की सराहना की। उन्होंने जटिल अभियानों को गति, सटीकता और समन्वय के साथ निष्पादित करने की उनकी क्षमता की प्रशंसा की।
‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ भारतीय सेना के सतत रूपांतरण का सशक्त प्रमाण है, जहाँ संगठनात्मक नवाचार, सामरिक विकास और प्रौद्योगिकीय एकीकरण समानांतर रूप से आगे बढ़ रहे हैं। यह उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना की मिशन-तत्पर, प्रौद्योगिकी-सशक्त और भविष्य-उन्मुख बने रहने की अटल प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है।