भोपाल, 10 फरवरी । मध्य प्रदेश में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है। पहले दिन विद्यार्थियों ने अंग्रेजी विषय की परीक्षा दी। इस बार प्रदेशभर से लगभग 7 लाख छात्र फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षाओं के आयोजन के लिए राज्य में कुल 3856 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं।
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। नकल पर रोक लगाने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। बोर्ड की सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जा रही हैं। राजधानी भोपाल में 104 परीक्षा केंद्रों पर 2600 विद्यार्थियों ने पेपर दिया।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10वीं और 12वीं को मिलाकर प्रदेशभर से 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं, जबकि करीब 7 लाख विद्यार्थी 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर हो रही परीक्षाओं को सुचारु, निष्पक्ष और नकल-मुक्त बनाने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने काफी पहले से तैयारी कर ली थी। सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और परीक्षा संचालन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परीक्षाएं सुचारू से संपन्न की जा सकें। पहले दिन मंगलवार को आयोजित कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते छात्रों के चेहरों पर संतोष नजर आया। अधिकांश विद्यार्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र न तो ज्यादा कठिन था और न ही बहुत आसान, बल्कि संतुलित रहा।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाओं के सफल और निष्पक्ष आयोजन के लिए प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। राजधानी भोपाल में 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इन छात्रों के लिए शहर में 104 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा प्रक्रिया को नकलमुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से हर जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो टीमों को विकासखंड स्तर पर और दो को जिला स्तर पर तैनात किया गया है। प्रत्येक स्क्वॉड में तीन सदस्य शामिल हैं, जो पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी हैं। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं।
इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार प्रशासन ने तकनीकी निगरानी को और मजबूत किया है। संवेदनशील माने गए परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इन केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जा रही है। साथ ही, प्रश्न-पत्रों को थानों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है।