पौड़ी गढ़वाल, 09 फरवरी (हि. स.)।ग्राम थल्ली की साधना रावत ने ग्रामोत्थान परियोजना और एनआरएलएम से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। पहले मजदूरी और खेती पर निर्भर साधना रावत अब गांव में एक सफल महिला उद्यमी के रूप में जानी जाती हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना की टीम ने थल्ली पंचायत में सर्वे किया और मानकों के आधार पर साधना रावत को रिटेल शॉप गतिविधि के लिए चुना। भौतिक सत्यापन के बाद उन्हें कुल 1 लाख रुपये की गतिविधि लागत में 30 हजार रुपये की सहयोग राशि, सहकारी समिति से 50 हजार रुपये का ब्याज रहित ऋण और सीआईएफ से 50 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
दुकान शुरू होने के बाद साधना रावत की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनकी दुकान से प्रतिमाह लगभग 70 से 80 हजार रुपये का व्यवसाय हो रहा है और दैनिक बिक्री 7 से 9 हजार रुपये तक पहुंच गई है। शुद्ध वार्षिक लाभ करीब 80 हजार रुपये है।
साधना रावत ने कहा, “पहले घर चलाना बहुत मुश्किल था। ग्रामोत्थान परियोजना और एनआरएलएम से जुड़ने के बाद मुझे सहयोग मिला और अब मैं अपनी दुकान चला पा रही हूं। आगे का लक्ष्य दुकान को और बड़ा करना है।”
ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि साधना रावत की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से महिलाएं गांव में रहकर भी व्यवसाय में सफल हो सकती हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना, एनआरएलएम और सीएलएफ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को नियमित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और