अनियमितताओं के विरोध में अधिवक्ताओं ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

Share

नैनीताल, 09 फ़रवरी । नैनीताल जिले के राजस्व न्यायालयों में व्याप्त अनियमितताओं के समाधान की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन नैनीताल ने कुमाऊं मण्डल के आयुक्त को पत्र भेजते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

पत्र में कहा गया है कि 9 जनवरी और 22 जनवरी 2026 को लिखित रूप से शिकायतें देने तथा 27 जनवरी 2026 को सांकेतिक धरना प्रदर्शन के बाद भी अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुवाली ने बताया कि 27 जनवरी को जिला अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने एक सप्ताह में समाधान का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इस कारण अधिवक्ताओं ने पहले ही 11 फरवरी 2026 को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन और पूर्ण कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। पत्र में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि राजस्व न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों के बैठने के समय की अनिश्चितता, अधिवक्ताओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार, समन और आदेशों की समय पर तामील न होना, अकृषक और दाखिल-खारिज मामलों में रिपोर्ट में देरी, गैर विधिक और विभागीय व्यक्तियों का हस्तक्षेप, वादों की पत्रावली में अनियमितताएं तथा नकल अनुभाग की अनुपस्थिति जैसी गंभीर समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।

इन अनियमितताओं के कारण आम जनता को अनावश्यक समय और धन खर्च करना पड़ रहा है और राजस्व न्यायालयों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार कम हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोग अपने कार्य कराने के लिए गैर विधिक व्यक्तियों की शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं, जिसका लाभ दबंग और धनाढ्य वर्ग उठा रहा है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन के बाद भी नैनीताल, हल्द्वानी और रामनगर की बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधिमंडल को ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, तो 23 फरवरी 2026 से अन्य जिलों की बार एसोसिएशनों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।