नई दिल्ली, 09 फरवरी । इस्पात मंत्रालय ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं के लिए 11,887 करोड़ रुपये के निवेश वाले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्रालय ने सोमवार को विशेष इस्पात के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) योजना 1.2 के तहत 55 कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस्पात मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी तथा इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 1.2 के तीसरा चरण के तहत 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने इस अवसर पर उद्योग की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना भारत सरकार का एक प्रमुख सुधार है जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हालांकि भारत ने पहले ही विशेष और मिश्र धातु इस्पात विनिर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन नए निवेशों के साथ भारत अपनी क्षमताओं को और गहरा करेगा, आयात निर्भरता कम करेगा, विदेशी मुद्रा संरक्षित करेगा तथा विश्व के लिए उच्च-मूल्य वाले इस्पात के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरेगा।
इस अवसर पर इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक ने इस बात का उल्लेख किया कि योजना की सफलता भाग लेने वाली कंपनियों द्वारा समय पर निवेश, कमीशनिंग तथा उत्पादन की निरंतरता पर निर्भर करती है। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि मंत्रालय भाग लेने वाली कंपनियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
इस्पात मंत्रालय के मुताबिक पीएलआई 1.2 के तीसरा चरण का शुभारंभ भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस चरण में भाग लेने वाली कंपनियों ने 11,887 करोड़ रुपये का निवेश तथा डाउनस्ट्रीम इस्पात और मिश्र धातु निर्माण में 87 लाख टन की प्रतिबद्ध क्षमता का वचन दिया है।
उल्लेखनीय है कि विशेष इस्पात के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को जुलाई, 2021 में इस्पात क्षेत्र के डाउनस्ट्रीम खंड में विनिर्माण को बढ़ावा देने, पूंजी निवेश आकर्षित करने तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन का समर्थन करने के लिए शुरू किया गया था।