जयपुर, 09 फ़रवरी । प्रदेश में साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर, समन्वित और सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। आमजन में जागरूकता बढ़ाने से लेकर साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई तक सभी गतिविधियां सुनियोजित तरीके से संचालित की जा रही हैं। यह बात मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित साइबर अपराध नियंत्रण से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक में कही।
मुख्य सचिव ने बैठक में सभी संबंधित विभागों को साइबर अपराध नियंत्रण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में स्थित साइबर सेल की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए कहा कि तकनीकी जांच क्षमता को और मजबूत किया जाना आवश्यक है। इसके लिए क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में भी साइबर सेल स्थापित करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए और उभरते साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेशभर में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित कर पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्य सचिव ने इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
मुख्य सचिव श्रीनिवास ने बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने संदिग्ध बैंक खातों की सतत निगरानी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों के प्रभावी उपयोग तथा डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।