नई दिल्ली, 09 फरवरी । दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने जमानत याचिका पर अगली सुनवाई आगामी 11 फरवरी को करने का आदेश दिया।
जयदीप सेंगर ने याचिका दायर कर कहा है कि वह मुंह में एडवांस स्टेज के कैंसर से पीड़ित है। उनमें कैंसर के दोबारा होने के लक्षण दिख रहे हैं। इसके इलाज के लिए उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरुरत है। जयदीप सेंगर ने तीन महीने की अंतरिम जमानत बढ़ाने की की मांग की है। जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत की समय सीमा 11 फरवरी को समाप्त हो रही है।
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा जयदीप सेंगर को भी ट्रायल कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। जयदीप सेंगर को इसके पहले भी कोर्ट अंतरिम जमानत दे चुका है।
इस मामले में 16 दिसंबर, 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर समेत सातों आरोपियों को 10-10 साल की कैद और 10-10 लाख के जुर्माने की सजा की सजा सुनाई थी। रेप पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल, 2018 को मौत हो गई थी। 4 जून, 2017 को रेप पीड़िता ने जब कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, तो उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जेल से जिला अस्पताल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई थी।
पीड़िता से दुष्कर्म मामले में 20 दिसंबर, 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख पीड़िता को देने का आदेश दिया था।