गुरुग्राम, 08 फरवरी । यहां के सेक्टर-92 स्थित अंसल हाईट्स में 300 से अधिक परिवार करीब एक दशक से बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के रहने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा वर्ष 2015 से फिट आउट पजेशन देने के बावजूद आज तक भी इस परियोजना का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट हासिल नहीं किया गया है। यह घोर लापरवाही है। इसके विरोध में रविवार को लोगों ने एकजुट होकर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
निवासियों ने कहा कि बिल्डर ने वर्ष 2015 में यह आश्वासन दिया था कि छह महीने के भीतर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया जाएगा। इसके बाद भी लगभग दस वर्ष बीत जाने के बाद भी यह अनिवार्य प्रमाणपत्र हासिल नहीं हो सका है। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अभाव में 300 से अधिक परिवार इस सोसाइटी में रह रहे हैं, जिससे उनकी कानूनी स्थिति, सुरक्षा और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निवासियों का यह भी कहना है कि वर्षों से केवल मौखिक आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन ओ.सी. की स्थिति पर आज तक कोई पारदर्शी जानकारी साझा नहीं की गई।
लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा बिल्डर पर ऐसा कोई दवाब बनाने की कोशिश भी नहीं की गई कि वह सभी मसलों का निपटारा करके ओ.सी. प्राप्त करे। जिसके चलते सरकारी राजस्व का भी करोड़ों रुपये का नुकसान भी हो रहा है। यहां लोगों ने फ्लैट की पूरी राशि, रखरखाव शुल्क और अन्य सभी देय भुगतान समय पर किए हैं। इसके बावजूद उन्हें एक कानूनी रुप से असुरक्षित स्थिति में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की वर्तमान स्थिति का तत्काल सार्वजनिक खुलासा किया जाए। ओ.सी. प्राप्त करने के लिए लिखित और समयबद्ध प्रतिबद्धता की जाए। वर्षों की देरी और भ्रामक आश्वासनों के लिए जवाबदेही तय की जाए।
निवासियों ने हरियाणा शहरी एवं ग्राम आयोजना विभाग (डी.टी.सी.पी) और अन्य संबधित प्राधिकरणों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि बिल्डर को कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए बाध्य किया जा सके। अंसल हाइट्स के निवासियों ने कहा कि जल्द ही इसका समाधान नहीं किया गया तो वे कानूनी विकल्प अपनाने को मजबूर होंगें। बता दें कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट किसी भी आवासीय परियोजना के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि संबंधित इमारत स्वीकृत नक्शे, निर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुरुप है। ओ.सी. के बिना रहने से निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सोसायटी में कानूनी अनिश्चितता और प्रशासनिक कार्यवाही का जोखिम, फ्लैट की रजिस्ट्री, बिक्री और होम लोन में कठिनाई, फायर सेफ्टी और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं बनी रहती हैं।